PMMSY और PM-MKSSY के तहत उपलब्ध सब्सिडी, बीमा, ऋण और अनुदान — टैप करके जानें
भारत सरकार की सबसे बड़ी मछली पालन योजना
यह भारत सरकार की मछली पालन क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे बड़ी योजना है (वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक)। इसका मकसद है — मछली उत्पादन बढ़ाना, प्रसंस्करण और भंडारण की सुविधाएं बनाना, और मछुआरों व मछली किसानों की आय दोगुनी करना।
🏔️ उत्तराखंड के लिए खास बात: इस योजना की 9 प्राथमिकताओं में से एक है "ठंडे पानी की मात्स्यिकी" (ट्राउट, कॉमन कार्प आदि) — यह सीधे उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए बनाई गई है। इसमें उन्नत नस्लें, रेसवे, ब्रूड बैंक, हैचरी और फ़ीड मिल जैसी सुविधाओं को सहायता मिलती है।
किन कामों पर सब्सिडी मिलती है:
| लाभार्थी | सब्सिडी |
|---|---|
| सामान्य किसान | लागत का 40% |
| महिला / अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति | लागत का 60% |
आवेदन कैसे करें: अपने ज़िले के मत्स्य विभाग कार्यालय, हैचरी निरीक्षक (FI), या ज़िला मत्स्य अधिकारी (DFO) से संपर्क करें।
PM-MKSSY के 4 हिस्से हैं — हर एक पर टैप करके पूरी जानकारी देखें
✅ बहुत बढ़िया! आपने सभी 4 हिस्से देख लिए
राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण कराना बाकी सभी लाभों (बीमा, ऋण, अनुदान) के लिए ज़रूरी है। पंजीकरण के बाद एक डिजिटल पहचान प्रमाण-पत्र मिलता है।
आधार या इंटरनेट न होने पर नज़दीकी CSC सेंटर से मुफ्त मदद ली जा सकती है।
बीमा खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में (DBT से, एक ही बार में) — एक फ़सल चक्र के लिए:
मछली किसानों को अब खेती किसानों की तरह ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) मिल सकता है — सस्ती ब्याज दर पर कार्यशील पूंजी ऋण। PM-MKSSY बैंक से लोन दिलाने में एक-एक कर मदद (hand-holding) भी करती है, ताकि प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद बने।
पंजीकृत मत्स्य सूक्ष्म/लघु उद्यम (हैचरी सहित) के निवेश पर अनुदान:
| उद्यम आकार | सामान्य | महिला / अ.जा. / अ.ज.जा. |
|---|---|---|
| सूक्ष्म (Micro) | 25% या ₹35 लाख | 35% या ₹45 लाख |
| लघु (Small) | 25% या ₹75 लाख | 35% या ₹100 लाख |
(जो भी राशि कम हो, वही मान्य होगी)
नज़दीकी CSC सेंटर पर जाएं, या नीचे दिए नंबर/ईमेल पर संपर्क करें